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The Necklace Summary Class 10 English

The Necklace Summary Class 10 English

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    The Necklace Summary In English

    Matilda a dreamy woman
    Matilda was very pretty. But due to ill fate, she was bom in a family of clerk. She had no dowry, no hopes. She had no means to become known and loved by rich men. So she married a clerk, Mr. Loisel, in the Education Board Office. Matilda would think of beautiful things. She had neither frocks nor jewels. And she loved these things. But she remained unhappy. She suffered due to it.

    Invitation to Minister’s Party
    One evening her husband returned home. He was happy. He and Matilda had been invited to the Minister’s party at the Minister’s residence. But Matilda became unhappy. Her husband told her that it was a party of the selected people. Matilda told him that she did not have a good dress for this party.

    Problem of new dress solved
    She began weeping. Her husband was grieved at this. He told her that she could buy a new dress. He had saved four hundred francs to buy a gun. He had saved them to join some hunting parties. He told her that he would give that money to her. She could buy a good dress.

    Diamond necklace borrowed
    Matilda bought the new dress. But she was not happy. She told her husband that she did not have a jewel to wear. He told her to wear some natural flowers. But Matilda was not satisfied. Then her husband told her to borrow some jewels from her friend Mme Forestier. The next day, she got a diamond necklace for the occasion from her.

    Matilda at party
    The day of the ball arrived. Mme Loisel was a great success. All praised her. She was the prettiest of all. She smiled and was full of joy. She danced with enthusiasm. She was simply mad with pleasure. She went home toward four o’clock in the morning. Her husband had been half asleep in a salon since midnight. He threw around her shoulders the modest wraps. Matilda wanted to hurry home. She did not want to be seen by other women in those wraps. These women were wrapped in rich furs.

    Loss of the necklace
    They reached home. Matilda removed the wraps from her shoulders before the glass. She wanted to have a final view of herself in her glory. Suddenly, she uttered a cry. Her necklace was not around her neck. It had been lost.

    Search for the necklace
    Matilda told her husband that she had lost the necklace. Both searched the necklace. Loisel went out to see it where they had walked. He searched the place. But it was not found. He told her that it might have dropped in the carriage. But they did not note its number. They searched folds and pockets. But the necklace had been lost for ever.

    Replacement of the necklace by a new one
    At the end of one week, Matilda told her husband to replace the necklace. They saw one like the earlier one in a shop of the Palais- Royal. Its price was 40,000 francs. They could get it for 36,000 francs. Matilda’s husband had 18,000 francs from his father. He borrowed the rest from various persons at high interest. At last, they were able to buy the necklace. They returned it to Mme Forestier. Mme Forestier told Matilda that she should have returned that earlier. She might have needed that. She did not open the box as Matilda feared she would.

    Loisel’s horrible life
    Mme Loisel now knew the horrible life of want. They would have to return the borrowed money. Matilda sent away the maid. They went to cheaper lodgings. She washed the dishes. She brought up the water herself. She breathed at every landing. She haggled for every sou. Her husband worked day and night. They faced the hardest time. This went on for ten years.

    Changes in Mme Loisel
    Mme Loisel now looked quite old. She looked a hard woman. Her hair was badly dressed. Her duress was awry. When her husband was in the office, she would sit before the window. She would then think of the earlier times. She thought what would have happened if she had not lost the necklace.

    The truth is out
    One Sunday she was walking in the Champs-Elysees. Suddenly she saw a woman walking with a child. It was Mme Forestier. She was still pretty and attractive. Mme Loisel was affected on seeing this. She went to her. Mme Forestier could not recognise Matilda. Matilda talked about herself and what had happened to her. At this Mme, Forestier told her that the necklace she had lent her was artificial.

    The Necklace Summary In Hindi

    मटिल्डा स्वप्न लेनेवाली महिला
    मटिल्डा काफी सुन्दर थी। परन्तु दुर्भाग्य के कारण वह एक क्लर्क के परिवार में उत्पन्न हो गई। उसके पास कोई दहेज नहीं था, न कोई आशा । उसके पास कोई साधन नहीं था जिसके द्वारा वह प्रसिद्ध हो सके और अमीर उसे प्यार कर सकें। इसलिए उसने शिक्षा बोर्ड के दफ्तर में एक क्लर्क मिस्टर लॉयजल से शादी कर ली। मटिल्डा सुन्दर चीजों के बारे में सोचती । उसके पास न फ्राक थे, न हीरे-जवाहरात । और वह इन वस्तुओं से प्यार करती थी। परन्तु वह उदास रहती थी। वह इसके कारण दुख उठाती थी।

    मन्त्री की पार्टी का निमंत्रण
    एक शाम उसका पति घर लौटा। वह खुश था। उसे और मटिल्डा को मन्त्री के निवास स्थान पर मन्त्री की पार्टी में आमंत्रित किया गया था। परन्तु मटिल्हा उदास हो गई। उसके पति ने उसे बताया कि यह तो गिने-चुने व्यक्तियों की पार्टी थी। मटिल्डा ने उसे बताया कि इस पार्टी के लिए उसके पास एक अच्छी पोशाक नहीं थी।

    नई पोशाक की समस्या को सुलझाना
    उसने रोना आरम्भ कर दिया। उसका पति इस पर काफी दुखी हुआ। उसने उसे बताया कि वह एक नई पोशाक खरीद सकती है। उसने एक गन खरीदने के लिए चार सौ फ्रैंक बचाए थे। उसने उन्हें शिकारी पार्टियों में सम्मिलित होने के लिए बचाया था। उसने उसे बताया कि वह वे पैसे उसे दे देगा। वह एक अच्छी पोशाक खरीद सकती है।

    हीरों के हार को उधार लेना
    मटिल्डा ने एक नई पोशाक खरीदी। परन्तु वह उदास थी। उसने अपने पति को बताया कि पहनने के लिए उसके पास कोई हीरेजवाहरात नहीं हैं। उसने उसे कुछ प्राकृतिक फूल पहनने के लिए कहा। परन्तु मटिल्डा सन्तुष्ट नहीं हुई। फिर उसके पति ने उसे उसकी सहेली मैडम फोरस्टीयर से कुछ हीरे जवाहरात उधार ले लेने के लिए कहा। अगले दिन उसने इस अवसर के लिए उससे हीरों का एक नैकलेस (हार) उधार ले लिया।

    मटिल्डा पार्टी में
    नाच पार्टी का दिन आ गया। मैडम लॉयजल महान सफलता थी। सभी ने उसकी प्रशंसा की। वह सभी से अधिक सुन्दर थी। वह मुस्कराई और खुशी से भरपूर थी। वह उत्साह से नाची। वह खुशी से पागल सी हो गई थी। सुबह चार बजे के करीब वह घर वापस लौटी। आधी रात से उसका पति एक दुकान में सो-जाग रहा था। उसने उसके कन्धों के चारों तरफ साधारण लपेटने वाले कपड़े डाले । मटिल्डा शीघ्र ही घर जाना चाहती थी। वह नहीं चाहती थी कि दूसरी महिलाऐं उसे उन ओढ़ने वाले कपड़ों में देखें। ये महिलाएँ अमीर फर में लिपटी हुई थी।

    हार का खोया जाना
    वे घर पहुँचे । शीशे के सामने मटिल्डा ने अपने कंधों के ऊपर से ओढ़ने वाले कपड़े उतारे। वह अपनी शान में अपना अन्तिम नजारा देखना चाहती थी। अचानक वह चिल्लाई । उसको हार उसकी गर्दन के चारों तरफ नहीं था। यह खो गया था।


    हार की खोज
    मटिल्डा ने अपने पति को बताया कि उसने हार खो दिया है। दोनों ने हार को ढूंढा। लॉयजल बाहर देखने गया जहाँ पर वे पैदल चले थे। उसने उस स्थान को देंढा। परन्तु वह उसे नहीं मिला। उसने उसे बताया कि शायद उसने उसे गाड़ी (कैरिज) में गिरा दिया होगा। परन्तु उन्होंने उसका नम्बर नोट नहीं किया। उन्होंने तहें और जेबें देखीं। परन्तु हार हमेशा के लिए खो गया था।

    नये हार द्वारा आपूर्ति
    एक सप्ताह के अन्त में मटिल्डा ने अपने पति को उन्हें इस हार के स्थान पर दूसरा हार देने के लिए कहा। पैलेस-रॉयल में एक दुकान पर उन्होंने पहले जैसा एक हार देखा। इसकी कीमत 40,000 फ्रैंक थी। उन्हें यह 36,000 फ्रैंक में मिल सकता था। मटिल्डा के पति के पास उसके पिता से मिले 18,000 फ्रैंक थे। उसने बाकी के पैसे भिन्न भिन्न व्यक्तियों से ऊँचे व्याज पर उधार ले लिए। आखिरकार वे हार को खरीदने के योग्य हो गए। उन्होंने इसे मैडम फोरस्टीयर को लौटा दिया। मैडम फोरस्टीयर ने मटिल्डा को कहा कि वह हार उसे पहले लौटा देना चाहिए था। उसकी उसे आवश्यकता पड़ सकती थी। जैसे मटिल्डा को भय था वह बक्से को खोलेगी पर उसने उसे खोला नहीं।

    लॉयजल का भयभीत जीवन
    मैडम लॉयजल को अब कमी के भयभीत जीवन का पता चला। उन्हें उधार लिया पैसा लौटाना पड़ेगा। मटिल्डा ने नौकरानी को वापिस भेज दिया। वे सस्ते मकान में चले गए। उसने प्लेटें धोयीं। वह स्वयं ही पानी लाई । हरेक स्थान (सीढ़ी) पर वह साँस लेती । हरेक सो (कम कीमत का फ्रेंच सिक्का) के लिए वह मोल-भाव करती। उसके पति ने दिन-रात काम किया। उन्होंने कठिन समय देखा। यह दस वर्ष तक चलता रहा।

    मैडम लॉयजल में परिवर्तन
    मैडम लॉयजल अब काफी बूढ़ी दिखती थी। वह एक सख्त महिला दिखती थी। उसके बाल बुरी तरह से दिख रहे थे। उसकी पोशाक उलटी-पुलटी थी। जब उसका पति दफ्तर में होता तो वह खिड़की के आगे बैठती। फिर वह पहले के समय के बारे में सोचती। वह सोचती कि यदि उसने हार नहीं खोया होता तो क्या हो गया होता।

    सच्चाई का पता चल जाना
    एक इतवार वह चैम्स्-इलिसिस में सैर कर रही थी। अचानक उसने एक महिला को एक बच्चे के साथ घूमते देखा। यह मैडम फोरस्टीयर थी। वह अब भी सुन्दर और आकर्षित करने वाली थी। यह देखकर मैडम लॉयजल प्रभावित हो गई। वह उसके पास गई। मैडम फोरस्टीयर मटिल्डा को पहचान नहीं सकी। मटिल्डा ने अपने बारे में बात की और बताया कि उसके साथ क्या हो गया था। इस पर मैडम फोरस्टीयर ने उसे बताया कि हार जो उसने उसे उधार दिया था वह नकलीं था।

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