Study MaterialsCBSE NotesA Triumph of Surgery Summary Class 10 English

A Triumph of Surgery Summary Class 10 English

A Triumph of Surgery Summary Class 10 English

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    A Triumph of Surgery Summary In English

    Tricki’s illness
    The narrator of the story is Mr. Herriot. He is a veterinary surgeon. He was really worried about the dog. Its name was Tricki. He was shocked to see it with its mistress. It had become hugely’fat. Its eyes had become red. Its tongue came out from its jaws. It was in a state of disease.

    Tricki’s mistress made Tricki ill
    The mistress of the dog was Mrs. Pumphrey. She told Mr. Herriot that the dog seemed to have no energy. So she gave it more malt and cod liver oil and a bowl of Horlicks. She also gave it some cream cakes and chocolates despite Herriot’s refusal. It was a rich diet.

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    Herriot’s warning to Mrs. Pumphrey
    Herriot looked at the dog again. Its big trouble was that it had become greedy. It did not refuse food. Herriot asked Mrs. Pumphrey if she had been giving the dog plenty of exercise. She said she had not. Herriot warned her. If she didn’t cut its food and gave it more physical exercise, it would be really ill. She said that he was right. But it was difficult for her.

    Tricki to be in hospital
    Within next few days Mrs. Pumphrey told Herriot that Tricki didn’t eat anything. It refused to eat even its favourite dishes. It spent all its time lying panting. The narrator had made his plans in advance. He suggested that Tricki should be hospitalised for about a fortnight. The lady almost became unconscious. She was sure that it would die if he did not see it.

    Tricki in hospital
    The narrator took the dog in his car. Mrs. Pumphrey gave Tricki’s belongings like bed, cushions, toys, various bowls, coats etc. At the hospital Tricki looked down at other dogs. They sniffed around it and ignored it.

    Tricki’s Treatment
    The narrator kept an eye on Tricki for two days. He gave it plenty of water but no food. On the third day, it started whimpering on seeing other dogs. It followed them down the garden. Later that day other dogs had their food. When they had finished, Tricki walked round the bowls. He also licked them. It meant he was hungry. It was given some food.

    Tricki shows improvement
    Tricki started to show progress. It was given no medicinal treatment. It ran about with the dogs all day. It discovered the joy of being with other dogs. Meanwhile Mrs. Pumphrey continued ringing regularly. She asked various questions about Tricki. But the narrator told her that the dog was out of danger.

    When Tricki becomes all right
    Mrs. Pumphrey started to bring round fresh eggs to build up Tricki’s strength. The narrator began giving Tricki wine before and during the meal. The dog began to drink brandy also. Tricki now had one extra egg in the morning. It had wine at noon and brandy in the evening. After a fortnight, the narrator rang her up saying the dog was all right.

    Mrs. Pumphrey comes to take Tricki home
    Mrs. Pumphrey arrived at the narrator’s Surgery in a big car. She asked him if the dog was better. The narrator told her that the dog was fine. He would bring it to her. When Tricki saw its mistress, it ran into Mrs. Pumphrey’s lap. It began licking her face and barking.

    Tricki’s cure—a triumph of Surgery
    The narrator helped the driver to bring out Tricki’s various things. These were Tricki’s beds, toys, cushions, coats and bowls. They had not been used. As the car moved away, Mrs. Pumphrey leaned out of the window. Tears shone in her eyes. Her lips trembled. She told the narrator that it was a triumph of surgery.

    A Triumph of Surgery Summary In Hindi

    ट्रिकी की बीमारी
    कहानी का वर्णनकर्ता मि. हैरियट है। वह एक पशुचिकित्सक है। उसे कुत्ते के बारे में वास्तव में चिन्ता थी। इसका नाम ट्रिकी था। उसे इसे अपनी मालकिन के साथ देखकर झटका लगा । यह काफी मोटा हो गया था। इसकी आँखें लाल हो गई थीं। इसकी जीभ इसके जबड़े से बाहर आ रही थी। यह बीमारी की अवस्था में था।

    ट्रिकी की मालकिन के कारण ट्रिकी का बीमार पड़ना
    कुत्ते की मालकिन मिसेज पम्फरी थी। उसने हैरियट को बताया कि कुत्ते में कोई ताकत शेष नहीं दिखाई दे रही थी। इसलिए उसने इसे अधिक माल्ट और कोड लीवर तेल और हाँरलिक्स का एक कटोरा दिया। उसने इसे हैरियट के मना करने के बावजूद भी क्रीम के कुछ केक और चॉकलेट भी दिए। यह ठोस खाना था।

    हैरियट द्वारा मिसेज पम्फरी को चेतावनी
    हैरियट ने कुत्ते पर फिर देखा। उसका बड़ा दुख यह था कि यह लालची हो गया था। यह खाने को मना नहीं करता था। हैरियट ने मिसेज पम्फरी से पूछा कि क्या वह कुत्ते को काफी व्यायाम करा रही थी। उसने इन्कार कर दिया। हैरियट ने उसे चेतावनी दी। यदि उसने इसके खाने को कम नहीं किया और इसे अधिक शारीरिक व्यायाम नहीं दिया तो वह वास्तव में अधिक बीमार होने जा रहा था। उसने कहा कि वह ठीक कह रहा था। परन्तु यह उसके लिए कठिन था।

    ट्रिकी का हस्पताल में होना
    अगले कई दिनों में मिसेज पम्फरी ने हैरियट को बताया कि ट्रिकी ने कुछ नहीं खाया। उसने अपने पसन्दीदा खाने को भी खाने से इन्कार कर दिया। उसने अपना सारा समय भारी-भारी साँस लेकर लेटे हुए गुजारा। वर्णनकर्ता ने अपनी योजनाएँ अग्रिम रूप में ही बना ली थीं। उसने सुझाव दिया कि ट्रिकी को लगभग पन्द्रह दिन के लिए अस्पताल में दाखिल कराना चाहिए। महिला लगभग बेहोश हो गई। उसे यकीन था कि यदि वह उसे नहीं देखेगा तो वह मर जाएगा।

    टिकी हस्पताल में
    वर्णनकर्ता कुत्ते को अपनी कार में ले गया। मिसेज पम्फरी ने ट्रिकी की सारी वस्तुएँ जैसे बिस्तर, तकिए, खिलौने, भिन्न भिन्न कटोरे, कोट आदि दे दीं। अस्पताल में ट्रिकी ने दूसरे कुत्तों की तरफ देखा। उन्होंने इसके चारों तरफ सुंघा और उसकी उपेक्षा कर दी।

    ट्रिकी का इलाज
    लेखक ने ट्रिकी पर दो दिनों तक नजर रखी। उसने उसे काफी पानी दिया परन्तु खाना नहीं। तीसरे दिन उसने दूसरे कुत्तों को देखकर आवाजें दीं। यह उनके पीछे बगीचे तक गया। उस दिन शाम को दूसरे कुत्तों को खाना दिया गया। जब उन्होंने खाना समाप्त कर लिया तो टिकी कटोरों के चारों तरफ घूमा। उसने उन्हें चाटा भी। उसका अर्थ था कि वह भूखा था। उसे कुछ खाना दिया गया।

    ट्रिकी की उन्नति
    ट्रिकी ने उन्नति दिखानी आरम्भ कर दी। उसे दवाइयों द्वारा इलाज नहीं दिया गया। यह सारा दिन कुत्तों के साथ दौड़ा। उसने दूसरे कुत्तों के साथ होने की खुशी को खोजा। इस बीच मिसेज पम्फरी बार बार टेलीफोन करती रही। उसने ट्रिकी के बारे में कई प्रकार के प्रश्न पूछे। परन्तु वर्णनकर्ता ने उसे बताया कि कुत्ता खतरे से बाहर है।

    टिकी का ठीक होना
    मिसेज पम्फरी ने ट्रिकी की ताकत बनाने के लिए ताजा अण्डे लाना आरम्भ कर दिया। वर्णनकर्ता ने ट्रिकी को खाने से पहले और बीच में शराब देना आरम्भ कर दिया। कुत्ते ने ब्राण्डी भी पीना आरम्भ कर दिया। ट्रिकी को अब सुबह एक अतिरिक्त अण्डा दिया जाता। उसे दोपहर को शराब और शाम को ब्राण्डी दी जाती । पन्द्रह दिन पश्चात् वर्णनकर्ता ने उसे टेलीफोन पर कहा कि कुत्ता पूर्ण रूप से ठीक है।

    मिसेज पम्फरी का ट्रिकी को घर ले जाने के लिये आना
    मिसेज पम्फरी एक बड़ी गाड़ी में वर्णनकर्ता की सर्जरी में आई। उसने उसे पूछा कि क्या कुत्ता ठीक है । वर्णनकर्ता ने उसे बताया कि कुत्ता ठीक है । वह उसे उसके पास ले आएगा। जब ट्रिकी ने अपनी मालकिन को देखा तो यह मिसेज पम्फरी की गोद में दौड़कर चला गया। उसने उसके चेहरे को चाटना और भौंकना आरम्भ कर दिया।

    ट्रिकी का इलाज-सर्जरी की विजय
    वर्णनकर्ता ने ड्राईवर की ट्रिकी की कई वस्तुओं को लाने में सहायता की। ये ट्रिकी के बिस्तर, खिलौने, तकिए, कोट और कटोरे थे। इनका प्रयोग नहीं किया गया था। जैसे कार चली मिसेज पम्फरी खिड़की से बाहर झाँकी। उसकी आँखों में आँसू थे। उसके होंठ काँपे। उसने वर्णनकर्ता को बताया कि यह सर्जरी की विजय थी।

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